सिद्ध श्री यन्त्र – आर्थिक समस्या का अचूक उपाय

श्री यन्त्र आपके हर प्रकार के आर्थिक समस्या का समाधान है | अगर आप बिज़नेस में घटा उठा रहे है या फिर आप की नौकरी नहीं लग रही या फिर पैसा घर में नहीं टिकता या रोजगार सही नहीं चल रहा या बाधा आ रही हो या बर्बर घर में रोग बीमारी में पैसे खर्च हो जाते हो या कलेश रहता हो और आप इसके समाधान के लिए कोई उचित समाधान ढूंढ रहे हो तो आपको ज्यादा परेशां नहीं होना चाहिए बल्कि अपने बजट के अनुसार और घर के माप के अनुसार श्री यन्त्र खरीदना चाहिए और उसका उत्कीलन और सिद्धि करवा के घर में स्थापना करनी चाहिए या दुकान में रखना चाहिए कुछ ही दिन में आपकी धन और पैसे की समस्या दूर होती नजर आएगी और सबकुछ सही चलने लगेगा | श्री यन्त्र को सभी यंत्रो में विशेष स्थान प्राप्त है आइये जानते है श्री यन्त्र से जुड़े हुए कुछ विशेष पहलु |धन प्राप्ति साधना में सबसे प्रमुख साधना महालक्ष्मी साधना और कुबेर साधना मानी जाती है मगर इसका अर्थ ये नहीं सिर्फ इन्ही साधनाओ के जरिये धन के मार्ग को खोला जा सकता है बल्कि बहुत से ऐसे साधनाये है जिनके माध्यम से धन प्राप्ति की जा सकती है और धन सम्बन्धी समस्या को दूर किया जा सकता है | श्री यन्त्र जो की सभी जानते है धन आकर्षण के लिए बहुत ही उत्तम मन जाता है साथ ही सकारात्मक ऊर्जा और भगवती कृपा की भी प्राप्ति होती है मगर इसकेलिए श्री यन्त्र को श्री विद्या के जरिये उत्कीलन करना होता है | जी है ये बात बहुत काम लोग जानते है की श्री यन्त्र को जागृत करना बहुत ही कठिन है और और ये श्री यन्त्र उत्कीलन तंत्र मंत्र और और श्री विद्या के जरिये ही हो सकता है और श्री विद्या उपासक बहुत ही कम है जो की श्री विद्या केबारे में पूर्ण रूप से जानकार है. आज हम बताने जा रहे है श्री यन्त्र से जुड़े कुछ विशेष नियम जिनसे धन प्राप्ति मंत्र का प्रयोग करके हम गरीबी, दाद्रिद, दुःख और नकारात्मक उर्जाओ से खुद का बचाव कर सके है और समाधान प्राप्त कर सकते है |

श्री यन्त्र दो प्रकार में उपलब्ध है एक जो सिर्फ यन्त्र के जैसा सामान्य यन्त्र होता है और उसमे जियोमेट्रिक शेप बने होते है और दूसरा वो श्री यन्त्र जो की पिरामिड शेप में उपलब्ध है इसमें भी पारद श्री यन्त्र का विशेष स्थान है क्युकी ये अत्यंत शक्तिशाली मन जाता है और धन प्राप्ति का ये अचूक उपाय है | अगर पारद श्री यन्त्र न मिले तो स्वर्ण या चंडी का बना श्री यन्त्र भी इस्तेमाल कर सकते है | इस यन्त्र को विधि पूर्वक किसी जानकर तांत्रिक या वैदिक आचार्य के अनुसार सबसे पहले प्राण प्रतिष्ठा और उत्कीलन करना चाहिए पिरामिड शेप के बने श्री यन्त्र के सभी कोनो में देवी और देवताओ का स्थान होता है इन सभी कोनो को सिद्ध करने के अलग अलग विधि है और श्री यन्त्र को पूर्ण रूप से सिद्ध करने में काम से काम ४१ दिन का समय लगता है जिसमे ४ से ६ घंटे प्रतिदिन देने होते है इसके बाद श्री यन्त्र पूर्ण रूप से सिद्ध और उत्कीलित होता है और ऐसा श्री यन्त्र अगर घर या ऑफिस में रख दिया जाये तो उस व्यक्ति के घर और दुकान में धन की कोई कमी नहीं रहती विशेष रूप से दीपावली के समय अगर ये श्री यन्त्र उत्कीलन मंत्र विधि को सुरु किया जाये तो विशेष लाभ होता है |

क्यों उत्कीलित और सिद्ध श्री यन्त्र ही रखना चाहिए

श्री यन्त्र या कोई भी अन्य यन्त्र हमेशा सिद्ध और उत्कीलित करके ही रखना चाहिए क्युकी यन्त्र चाहे किसी भी धातु पे बना हो या उसको भोज पत्र में बनाया गया हो मगर जबतक उसके ऊपर मंत्र और क्रिया नहीं होगी तबतक उसके अंदर वो ऊर्जा नहीं उत्पन्न होती की वो कार्य कर सके. बहुत सारे ऐसे दुर्लभ तांत्रिक यन्त्र होते है जो दिखने में बहुत ही साधारण लगते है मगर उन्हें सिद्ध करने में बहुत ही धन और समय व्यय होता है मगर फिर भी लोग ऐसे यन्त्र को रखते है और उसका उपयोग करते है क्युकी यन्त्र एक बहुत ही उत्तम और सरल उपाय है जिसके जरिये किसी भी तरह के साधन या उपाय को हासिल किया जा सकता है और लाभ प्राप्त किया जा सकता है अगर जैसे सरीर बिना आत्मा के मिटटी होता है वैसे ही यन्त्र बिना ऊर्जा के निष्क्रिय होता है और उसमे कोई छमता नहीं होती | जबतक विधि पूर्वक किसी यन्त्र का उत्कीलन करके उसको सिद्ध किया जाता है तो उसके अंदर कॉस्मिक एनर्जी को उत्पन्न करके और उसको ग्रहण करने की छमता आ जाती है और जिस विशेष उदेशय के लिए उसको सिद्ध किया गया है उस तरफ उसकी ऊर्जा कार्य करने लग जाती है और जब आप उस एक सिद्ध यन्त्र को अपने पास रखते है या पूजा करते है तो उसके जरिये जो तरंगे उत्पन्न होती है वो आपके आस पास के नकारात्मक ऊर्जा को दूर करके पॉजिटिव ऊर्जा का संचार करता है और उसके जरिये आपके समस्या और मार्ग में आ रही बाधा दूर होती है जैसे की श्री यन्त्र अगर पूर्ण रूप से सिद्ध हो और उसको ऑफिस में उस जगह रख दिया जाये जहा पे आप पैसे के लेनदेन करते है या पैसे रखते है या बिज़नेस डील करते है तो उस यन्त्र के प्रभाव से धन का आकर्षण होने लगता है और कस्टमर और सेल्स दोनों बढ़ जाते है और धन की बाधा दूर होती है अगर श्री यन्त्र को नियमित रूप से पूजा करे और प्राथना करे तो नौकरी व्यापार की हर बाधा दूर होती है और धन प्राप्ति के मार्ग सुलभ हो जाते है | मगर आजकल ज्ञान के अभाव में लोग मार्किट से ख़रीदा हुआ साधारण यन्त्र रखते है और पूजा विधि भी नहीं मालूम होती इसलिए यन्त्र का कोई प्रभाव समझ नहीं अत और व्यक्ति का विस्वास यन्त्र मंत्र से उठ जाता है मगर अगर यन्त्र को विधि विधान से सिद्ध करके उसका प्रयोग किया जाये तो कठिन से कठिन कार्य सरल हो जाते है यहातक की तांत्रिक साधनाओ में भी यन्त्र का विशेष स्थान है और बिना यन्त्र के साधना सफल नहीं होती क्युकी वो यन्त्र ही है जो मंत्र का और शक्ति का आधार होता है और जिसके माध्यम से शक्ति और सिद्धि की प्राप्ति संभव हो पाती है